Belpatra Benefits: शिवजी की पूजा में क्यों चढ़ाते हैं बेलपत्र? जानिए इसका महत्व
Belpatra Benefits: हिंदू धर्म में भगवान शिव की पूजा के दौरान बेलपत्र चढ़ाना बेहद शुभ माना जाता है और इसका विशेष महत्व भी होता है। ऐसा माना जाता है कि बिना बेलपत्र चढ़ाए शिवजी की पूजा-आराधना अधूरी मानी जाती है। शिवपुराण में बताया गया है कि शिवलिंग पर एक लोटा जल और बेलपत्र की कुछ [
Belpatra Benefits: हिंदू धर्म में भगवान शिव की पूजा के दौरान बेलपत्र चढ़ाना बेहद शुभ माना जाता है और इसका विशेष महत्व भी होता है। ऐसा माना जाता है कि बिना बेलपत्र चढ़ाए शिवजी की पूजा-आराधना अधूरी मानी जाती है। शिवपुराण में बताया गया है कि शिवलिंग पर एक लोटा जल और बेलपत्र की कुछ पत्तियां चढ़ाने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामना पूरी करते हैं।
कथा के अनुसार ऐसा माना जाता है कि देवी पार्वती ने अपने ललाट से पसीना पौंछा था, जिसकी कुछ बूंदें मंदार पर्वत पर जाकर गिरीं थी, जिसके बाद बेल के वृक्ष की उत्पत्ति हुई थी। बेल का पेड़ संपन्नता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। तो आइए जानते हैं बेलपत्र का महत्व।
शिव पूजा में बेलपत्र क्यों है जरूरी?
पौराणिक कथाओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान जब विष निकला था, तब भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा करने के लिए उस विष को अपने कंठ में धारण कर लिया था, जिस कारण से उसका असर शिव भगवान पर होने लगा था। तब सभी देवी-देवताओं ने शिवजी को बेलपत्र खिलाना शुरू किया था, ताकि विष का असर कम हो सके। बार-बार बेलपत्र खिलाने और जल पिलाने से शिवजी के शरीर का ताप धीरे-धीरे कम होने लगा था, जिसके बाद से शिवजी को बेलपत्र और जल चढ़ाने की प्रथा शुरू हुई।
क्या है बेलपत्र का महत्व?
ऐसी मान्यता है कि जिन लोगों के घरों में बेलपत्र का पेड़ होता है वहां कभी भी धन-धान्या और सुख-समृद्धि की कमी नहीं होती है। शिवजी की पूजा में बेलपत्र चढ़ाने से सभी दुख दूर होते हैं और सभी मनोकामना पूरी होती है। वहीं, जो लोग शिवजी पर बेलपत्र की तीन पत्तियों वाला हिस्सा चढ़ाता है, तो यह और भी शुभ माना जाता है, क्योंकि तीन पत्तियों वाले बेलपत्र में सभी तीर्थों का वास होता है।
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