अगर आपको भी हैं सेहत से जुड़े हुए परेशानियां, तो आप रोटी के जगह खा सकते हैं व्हाइट राइस।
अक्सर हमें बताया जाता है कि चावल से ज्यादा फायदेमंद रोटी होती है लेकिन कुछ ऐसी बीमारियां हैं, जिनमें रोटी की बजाय चावल खाना ज्यादा बेहतर (Rice Benefits) माना जाता है। दरअसल, हमारा खानपान जैसा होता है, शरीर भी उसी तरह का बनता जाता है। इसलिए हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ सही खानपान भी ह
अक्सर हमें बताया जाता है कि चावल से ज्यादा फायदेमंद रोटी होती है लेकिन कुछ ऐसी बीमारियां हैं, जिनमें रोटी की बजाय चावल खाना ज्यादा बेहतर (Rice Benefits) माना जाता है। दरअसल, हमारा खानपान जैसा होता है, शरीर भी उसी तरह का बनता जाता है। इसलिए हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ सही खानपान भी होना चाहिए। इसके साथ ही फिजिकल एक्टिविटी पर भी ध्यान देना चाहिए। हमारे देश में हर घर में रोटी सब्जी बनता ही बनता है। कुछ लोग चावल खाना भी पसंद करते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट बताते हैं कि कुछ बीमारियों में भूलकर भी रोटी नहीं खाना चाहिए। हालांकि, चावल का सेवन जरूर कर सकते हैं।
भारतीय खाने में बनने वाली सब्जियो को रोटी या चावल के साथ ही खाया जाता है। लेकिन जब जब भी जिक्र होता है वजन घटाने या फिट दिखने का तो सबसे पहला नाम डाइटिंग का ही आता है।
हमारी ऑलओवर हेल्थ और तंदुरूस्ती का एक बड़ा हिस्सा हमारी लाइफस्टाइल पर निर्भर करता है। हमारी डाइट और फिजिकल एक्टिविटी का हमारे स्वास्थ्य पर बड़ा प्रभाव पड़ता है। अलग-अलग फूड्स अलग-अलग लाभों के साथ आते हैं। हाल ही में एक नामी पोषण विशेषज्ञ से बात करते हुए इस बारे में उन्होंने कहा ” अगर आप पीसीओएस, एंडोमेट्रियोसिस, आईबीएस, इंसुलिन सेंसिटिविटी या यहां तक कि एसआईबीओ के साथ संघर्ष कर रहे हैं … कृपया अपने लक्षणों को कम करने के लिए व्हाइट राइस पर स्विच करें। “
क्लिप में वह यह भी बताती हैं कि गेहूं की रोटी का सेवन कम करने और चावल पर स्विच करने से पहले कुछ प्रमुख बिंदुओं को ध्यान में रखना जरूरी है।
प्रोटीन-सब्जियां ज्यादा खाएं
एक ही बार में ज्यादा खाने की बजाय थोड़ा-थोड़ा करके कई बार खाना अच्छा होता है। आपके खाने में प्रोटीन और सब्जियां ज्यादा शामिल होनी चाहिए। अगर आप चावल खा रहे हैं तो प्रोटीन वाली सब्जी शामिल करने से कई फायदे मिलते हैं। ओवर ऑल हेल्थ पर भी इसका लाभ होता है।
पोर्शन कंट्रोल बनाए रखें और न्यूट्रिशनल वैल्यू को बढ़ाएं। व्हाइट राइस के साथ सब्जियां या प्रोटीन शामिल करें। यह कॉम्बिनेशन एक संपूर्ण भोजन प्रदान करेगा जो ऑलओवर हेल्थ के लिए जरूरी है।
ब्राउन नहीं सफेद चावल खाएं
ब्राउन चावल की बजाय सफेद चावल ज्यादा खाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि ब्राउन चावल में आर्सेनिक का लेवल ज्यादा पाया जाता है। अगर बॉडी सेंसिटिव है तो इसे पचा पाना काफी मुश्किल हो जाता है।
शरीर में टॉक्सिन एक्सपोजर को कम करने के लिए व्हाइट चावल बेहतर माना जाता है।
व्हाइट राइस आमतौर पर शरीर में विषाक्त पदार्थों के संपर्क को कम करने के लिए बेहतर माना जाता है।
हेल्दी फैट का सेवन
जब भी खाना पकाएं तो हेल्दी फैट का इस्तेमाल करें। हाई क्वालिटी के घी, नारियल तेल, बटर, एवोकाडो ऑयल, मस्टर्ड ऑयल का ही यूज करना चाहिए। इनसे फ्लेवर भी मिलता है और हेल्थ बेनिफिट्स भी।
सफेद चावल खाने में चिंता कैसी
बहुत से लोग अपनी डाइट में व्हाइट राइस को शामिल करने को लेकर चिंतित रहते हैं। हालांकि, राशी चौधरी लोगों को इस डर को दूर करने और बैलेंस और हेल्दी लाइफस्टाइल के रूप में व्हाइट राइस का आनंद लेने के लिए प्रेरित करती हैं। डाइट करने वाले बहुत से लोग चावल खाने से बचते हैं। चावल में कार्ब्स की मात्रा और ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होने से उन्हें डर होता है कि उनका वजन बढ़ सकता है। हालांकि, न्यूट्रीशनिस्ट ऐसा नहीं मानते हैं। उनका कहना है कि बिना किसी डर के सफेद चावल खाना चाहिए। बस जब भी इसे अपनी डाइट में रखें तो इसकी मात्रा का ध्यान जरूर रखें। इसके साथ पोषण से भरपूर चीजें रखें।
किसमें कितना पोषण?
चावल और रोटी में बहुत अधिक अंतर नहीं है। अगर इनके पोषक तत्वों पर ध्यान दें तो इनमे सिर्फ सोडियम की मात्रा में फर्क है। चावल में काफी कम सोडियम होता है जबकि रोटी (120 ग्राम आटा) में 190 मिलीग्राम सोडियम होता है।
चावल में कितना पोषण?
चावल में रोटी के मुकाबले फाइबर, प्रोटीन और फैट की मात्रा कम होती है। इसी के साथ चावल में कैलोरीज भी रोटी के मुकाबले अधिक होती हैं। इन सबके बावजूद एक खास बात यह है कि रोटी को पचाने में समय लगता है, लेकिन चावल आसानी से डाइजेस्ट यानी पच जाते हैं। इसी के साथ चावल में पानी में मिल जाने वाला विटामिन होता है, यह स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है।
रोटी में कितना पोषण?
रोटी में फाइबर और प्रोटीन दोनों की अधिक मात्रा होती है। इसी के साथ चावल खाने के कुछ देर के बाद ही आपको भूख लग जाएगी, लेकिन रोटी खाने के बाद आपको लम्बे समय तक भूख नहीं लगती। इसमें अच्छी मात्रा में कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और सोडियम होता है, जो कि चावल की तरह ब्लड-शुगर लेवल को बढ़ाता नहीं है।
आपके स्वास्थ के लिए कौनसा बेहतर है ?
चावल और रोटी दोनों के अपने नुकसान और फायदे हैं, और एक को दूसरे के ऊपर चुनना आपके स्वस्थ लक्ष्यों और प्राथमिकताओं पर निर्भर करता है। यदि आप वजन कम करना चाहते है या मधुमेह से पीड़ित है तो आपको रोटी चुनना चाहिए वहीं अगर आपको पाचन संबंधी परेशानियां है तो चावल आपके लिए एक बेहतर विकल्प हैं।