पीरियड के दौरान जरूरत से ज्यादा होता है दर्द? तो इन 5 बीमारियों का हो सकता है संकेत
Periods Pain Problem Solution: महिलाओं को मैन्सट्रुअल क्रैम्प होना नॉर्मल बात है। पीरियड के दौरान मांसपेशियों में दर्द और खिचाव होना नॉर्मल माना जाता है लेकिन कुछ महिलाओं को पीरियड में बहुत ज्यादा दर्द होता है। इस दर्द की अवधि और दर्द की रफ्तार नॉर्मल पीरियड में होने वाले दर्द से
Periods Pain Problem Solution: महिलाओं को मैन्सट्रुअल क्रैम्प होना नॉर्मल बात है। पीरियड के दौरान मांसपेशियों में दर्द और खिचाव होना नॉर्मल माना जाता है लेकिन कुछ महिलाओं को पीरियड में बहुत ज्यादा दर्द होता है। इस दर्द की अवधि और दर्द की रफ्तार नॉर्मल पीरियड में होने वाले दर्द से पूरी तरह अलग होती है। इस दर्द को डिसमेनोरिया कहा जाता है।
डिसमेनोरिया या मेंस्ट्रुअल क्रैम्प्स पेट के निचले हिस्से में होने वाला तेज दर्द या ऐंठन होती है जो कई लड़कियों को अपने मेंस्ट्रुअल पीरियड्स से पहले या उसके दौरान होती है। नोवा आईवीएफ फर्टिलिटी, पुणे की फर्टिलिटी कंसल्टेंट डॉ करिश्मा डाफले के मुताबिक पीरियड के दौरान होने वाला ये दर्द कई बीमारियों के चेतावनी संकेत देता है जिसे नजरअंदाज करने की जरूरत नहीं है।
कुछ हेल्थ समस्याएं दर्द का कारण बनती हैं:
क्रॉनिक इलनेस प्रजनन क्षमता को प्रभावित करती है। ये परेशानी समय के साथ-साथ बढ़ती जाती है। क्रॉनिक बीमारी इंफर्टिलिटी का कारण बनती है।
फाइब्रॉएड की वजह से हो सकता है दर्द:
फाइब्रॉएड एक तरह का ट्यूमर होता है जो गर्भाशय के अंदर विकसित होता हैं जो पीरियड के दौरान कष्टदायी होता है और दर्द का कारण बनता है। इसकी वजह से गर्भपात का खतरा बढ़ता है और प्रजनन क्षमता प्रभावित है।
एंडोमेट्रियोसिस:
एंडोमेट्रियोसिस में गर्भाशय के ऊतक गर्भाशय के बाहर फैल जाते हैं और पेल्विस के अन्य अंगों को प्रभावित करते हैं। यह गर्भाशय की कार्य करने की क्षमता को कम कर सकता है साथ ही प्रजनन क्षमता को भी प्रभावित कर सकता है।
इन्फ्लेमेटरी पेल्विक डिजीज:
पीरियड पेन की परेशानी अक्सर पेल्विक इंफ्लेमेटरी बीमारी के कारण होती है, जो फैलोपियन ट्यूब, गर्भाशय और अंडाशय के आसपास होती है। इस परेशानी की वजह से भी दर्द की शिकायत होती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों को केवल सुझाव के रूप में लें, हम इनकी पुष्टि नहीं करते हैं। इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।