Sawan 2023: बाबा भोलेनाथ का एकमात्र मंदिर जहां प्रसाद के रूप में बंटता है, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान

हमारे देश में भगवान भोलेनाथ के कई अनोखे मंदिर हैं। ज्यादातर मंदिरों में सावन के महीने में भीड़ होने लगती हैं। भक्तों यहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर अपनी मनोकामना मांगते हैं। साथ ही बाबा भोलेनाथ को अलग-अलग प्रकार के प्रसाद भी चढ़ाते हैं। देश में कई ऐसे प्राचीन मंदिर भी हैं जो अपनी

By Aayushi Sharma · 15/7/2023

हमारे देश में भगवान भोलेनाथ के कई अनोखे मंदिर हैं। ज्यादातर मंदिरों में सावन के महीने में भीड़ होने लगती हैं। भक्तों यहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर अपनी मनोकामना मांगते हैं। साथ ही बाबा भोलेनाथ को अलग-अलग प्रकार के प्रसाद भी चढ़ाते हैं। देश में कई ऐसे प्राचीन मंदिर भी हैं जो अपनी खासियत के लिए मशहूर हैं। आमतौर पर मंदिरों में हलवा, पूरी, खीर, मिठाई का भोग लगाया जाता है लेकिन हम आपको आज भगवान भोलेनाथ के ऐसे मंदिर के बारे में बता रहे हैं जहां भोले बाबा के भक्तों को प्रसाद में हलवा, पूरी, खीर, मिठाई नहीं बल्कि गांजा दिया जाता है।

लोग करते हैं गांजे का सेवन
हम बात कर रहे हैं दक्षिण भारत के उत्तर कर्नाटका में स्थित मौनेश्वर मंदिर के बारे में। यहां भगवान भोलेनाथ को भांग और गांजा का भोग लगाया जाता है। जहां देश में गांजा पर प्रतिबंध है तो वहीं मौनेश्वर मंदिर में प्रसाद के रूप में गांजा बांटा जाता है। ये परंपरा आज से नहीं बल्कि सालों से चली आ रही है। हैरानी वाली बात ये है कि भक्त प्रसाद में मिले गांजे का सेवन भी करते हैं।

गांजे से मिलती है आध्यात्मिक शांति
दरअसल, यहां के लोगों का मानना है कि गांजे का सेवन करके उन्हें आध्यात्मिक शांति मिलती है। ऐसे में वह ध्यान लगाकर भोलेनाथ की आराधना में लीन हो जाते हैं। यहां के स्थानीय लोगों का मानना है कि गांजा कोई नशे की चीज नहीं बल्कि एक पवित्र घास हैं जिसकी आदत भी नहीं लगती। यह ध्यान केंद्रित करने में काफी मदद करती है। इसे सेवन से व्यक्ति फ़ालतू के कामों को छोड़कर सिर्फ आध्यात्मिक ज्ञान की राह पर चलता है। वह इस प्रसाद को दिनभर में या हफ्ते में एक बार लेते हैं और फिर ध्यान में मग्न हो जाते हैं।

Khana AMP · Quick view
View full