Wheat Flour: क्या आपको भी है गेंहू के आटे से एलर्जी, तो खाएं इस आटे की रोटी
Wheat Flour: ज्यादातर घरों में गेंहू के आटे की रोटियां बनाई जाती है, क्योंकि यह हमारे आहार का मुख्य हिस्सा होती है। इसके बिना डाइट अधूरी रहती है, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जिन्हें गेंहू के आटे से एलर्जी होती है। ऐसे लोगों को डॉक्टर्स गेंहू की रोटी खाने के लिए मना करते [...]
Wheat Flour: ज्यादातर घरों में गेंहू के आटे की रोटियां बनाई जाती है, क्योंकि यह हमारे आहार का मुख्य हिस्सा होती है। इसके बिना डाइट अधूरी रहती है, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जिन्हें गेंहू के आटे से एलर्जी होती है। ऐसे लोगों को डॉक्टर्स गेंहू की रोटी खाने के लिए मना करते हैं। तो आइए जानते हैं कि जो लोग गेंहू के आटे की रोटी नहीं खा सकते हैं वह किस आटे की रोटी खा सकते हैं।
रागी का आटा
अगर आपको गेंहूं से एलर्जी है, तो आप रागी के आटे से बनी रोटियां खा सकते हैं। इस आटे को कई राज्यों के लोग करते हैं। रागी के आटे को मंडुआ के नाम से भी जाना जाता है। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, फाइबर और आयरन काफी अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं।
मकई का आटा
मकई का आटा भी भारत में काफी ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। मकई के आटे में विटामिन-सी, विटामिन-ए, विटामिन-के, बीटा-कैरोटीन और सेलेनियम पाया जाता है। जिन लोगों को खून की कमी होती है उन्हें मकई का आटा जरूर खाना चाहिए।
कुट्टू का आटा
कुट्टू का आटा आमतौर पर व्रत में खाया जाता है। नवरात्रा के समय में इसका सेवन किया जाता है। इसमें विटामिन-बी2, नियासिन, राइबोफ्लेविन और बी कॉम्पलेक्स काफी अच्छी मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा इसमें फैट, कार्ब्स, प्रोटीन, फॉस्फोरस और आयरन मौजूद होता है। यह रक्त संचार को अच्छा करता है।
ज्वार का आटा
ज्वार का आटा शरीर को गर्म रखने के लिए काफी अच्छा है। इसमें ग्लूटेन नहीं होता है और यह शरीर की रोग प्रितरोधक क्षमता को भी बढ़ता है। इसमें कैल्शियम, पोटैशियम और आयरन काफी अच्छी मात्रा में पाया जाता है।