काम कैसे करता है
हर क्रिस्टल अपनी खनिज संरचना की वजह से एक ख़ास कंपन छोड़ता है (विज्ञान में यह कुछ हद तक piezoelectric प्रभाव के रूप में दर्ज है)। मान्यता यह है कि मानव शरीर के सात ऊर्जा केंद्र — चक्र — इससे तालमेल बिठाते हैं।
7 चक्र – 7 क्रिस्टल
मूलाधार — Red Jasper. स्वाधिष्ठान — Carnelian. मणिपुर — Citrine. अनाहत (हृदय) — Rose Quartz. विशुद्ध (गला) — Sodalite. आज्ञा (भ्रूमध्य) — Amethyst. सहस्रार (सिर के ऊपर) — Clear Quartz. एक ही क्रिस्टल से शुरू करना हो तो हम Amethyst की सलाह देते हैं।
सफ़ाई और चार्जिंग
हफ़्ते में एक बार — नमक के पानी में 3 मिनट धो लीजिए। या चाँदनी / धूप में 4 घंटे रख दीजिए। लगातार इस्तेमाल होने वाला पत्थर मैली ऊर्जा सोख लेता है, इसीलिए यह सफ़ाई ज़रूरी है। चंदन या अगरबत्ती के धुएँ में ‘smudge’ करना भी चलन में है।
रोज़मर्रा का इस्तेमाल
तकिए के नीचे — शांति और नींद। थैली या चेन में — जहाँ जाएँ वहीं साथ। मेज़ पर — काम में एकाग्रता। ध्यान के समय — हाथ में रखिए। दिन में सिर्फ़ एक ही पत्थर — कई मिलाने से बस उलझन होती है।
प्रचलित ग़लतफ़हमियाँ
‘क्रिस्टल बीमारी ठीक करता है’ — ग़लत। क्रिस्टल डॉक्टर का विकल्प नहीं। यह भरोसा और शांत मन देने वाला एक औज़ार भर है। ‘महँगा क्रिस्टल ही अच्छा होता है’ — यह भी ग़लत। ₹100 का Amethyst वही काम करेगा जो ₹10,000 का।