ची क्या है
ची — हवा और ऊर्जा से बनी एक प्राण शक्ति। घर में यह स्वतंत्र बहे तो ज़िंदगी आसानी से चलती है; रुक जाए तो — पैसे, सेहत और रिश्तों में अड़चनें। यह अंधविश्वास नहीं — रहने की जगह का मनोविज्ञान है।
पाँच तत्व
लकड़ी (Wood) — वृद्धि। अग्नि (Fire) — यश। मिट्टी (Earth) — स्थिरता। धातु (Metal) — सटीकता। जल (Water) — समृद्धि। एक घर में पाँचों तत्व बराबर होने चाहिए। एक ज़्यादा या कम हुआ तो जीवन में भी वही असंतुलन दिखेगा।
काम के नियम
1. मुख्य दरवाज़ा खुलते ही सामने दीवार नहीं होनी चाहिए। 2. बिस्तर का पाँव दरवाज़े की ओर न हो। 3. रसोई — शौचालय के ठीक सामने नहीं। 4. आईना बिस्तर को सीधे न दिखाए। 5. दरवाज़े के पीछे कुछ मत रखिए।
समृद्धि का कोना कैसे खोजें
मुख्य द्वार पर खड़े होकर भीतर देखिए — सबसे दूर बायाँ कोना ही समृद्धि (wealth) का कोना है। वहाँ — जीवित हरा पौधा, बहते पानी का छोटा फ़व्वारा, बैंगनी या सुनहरा रंग। धूल मत जमने दीजिए।
आज ही हो सकने वाले बदलाव
1. मुख्य दरवाज़े का रास्ता साफ़ और बेरोक। 2. शयनकक्ष में काम की मेज़ नहीं। 3. आईना टूटे तो उसी दिन बदलिए। 4. दरवाज़े पर विंड चाइम या बागुआ दर्पण लटकाइए। 5. छत की बीम के नीचे पलंग मत रखिए।