कौन सा हाथ देखें
दायाँ हाथ (दाएँ हाथ से काम करने वालों का) — जन्म से मिला, माता-पिता का दिया स्वभाव। बायाँ हाथ — आपकी अपनी बनाई मौजूदा स्थिति। महिलाओं के लिए उल्टा। दोनों में बड़ा फ़र्क़ हो तो जीवन में कोई बड़ा बदलाव हुआ है।
4 मुख्य रेखाएँ
हृदय रेखा — हथेली के ऊपरी हिस्से में, अंगूठे की ओर शाखा। प्रेम और भावना। मस्तिष्क रेखा — बीच में आड़ी। सोच और बुद्धि। जीवन रेखा — अंगूठे के चारों ओर का घुमाव। ऊर्जा, सेहत, मोड़ (लंबाई ≠ आयु)। भाग्य रेखा — कलाई से बीच की उँगली तक खड़ी। काम और राह।
7 पर्वत
हर उँगली के नीचे एक पर्वत — किसी ग्रह का। गुरु (तर्जनी) — नेतृत्व। शनि (मध्यमा) — ज़िम्मेदारी। सूर्य/अपोलो (अनामिका) — कला और यश। बुध (कनिष्ठा) — संवाद और व्यापार। शुक्र (अंगूठे की जड़) — प्रेम और स्नेह। चंद्र (कनिष्ठा की तरफ़, नीचे) — कल्पना। मंगल (अंगूठे और कनिष्ठा के बीच) — साहस।
उँगलियाँ और बनावट
लंबी उँगलियाँ — खोजी स्मृति, विचारशीलता। छोटी उँगलियाँ — कर गुज़रने की ऊर्जा, अंतर्ज्ञान। मुलायम हथेली — संवेदनशीलता, कला। सख़्त या चौकोर हथेली — व्यावहारिकता, मेहनत। पीछे की ओर आसानी से मुड़ने वाला अंगूठा — समझौते का स्वभाव।
प्रचलित ग़लतफ़हमियाँ
‘जीवन रेखा छोटी हो तो जल्दी मृत्यु’ — यह ग़लत है। लंबाई आयु नहीं, ऊर्जा बताती है। टूट या बँटवारा — भाग्य का फ़ैसला नहीं, बदलाव का संकेत है। हस्तरेखा एक मार्गदर्शक है, श्राप या वरदान नहीं। फ़ैसला आपके ही हाथ में है।