Hair Straightening Negative Effects: सुंदर और अट्रैक्टिव बाल किसे नहीं पसंद है। सिल्की शाइनी बाल हमारे लुक में चार-चांद लगा देते हैं। ऐसे में इन दिनों महिलाओं में हेयर स्ट्रेटनिंग का क्रेज देखने को मिल रहा है। वैसे तो हेयर स्ट्रेटिंग दो तरह के होते हैं। एक टेम्पोरेरी और दूसरा परमानेंट। टेम्पोरेरी कुछ ही वक्त के लिए होता है जैसे ही आप शैम्पू करती हैं ये स्ट्रेटनिंग चला जाता है, लेकिन परमानेंट स्ट्रेटनिंग सालों के लिए होता है। इससे बाल खूबसूरत, मैनेजेबल और स्टाइलिश लगते हैं, लेकिन क्या आप जानती हैं कि ये स्टाइल आपके लिए जानलेवा भी हो सकता है। हेयर स्ट्रेटनिंग प्रक्रिया में जिस तरह के केमिकल सॉल्यूशन का इस्तेमाल किया जाता है, उससे कैंसर का खतरा होता है।

एक अध्ययन के दौरान यह सामने आया कि साल में चार या उससे ज्यादा बार हेयर स्ट्रेटनिंग उत्पादों का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं में गर्भाशय कैंसर के दर 4.05 फीसदी है, जबकि ऐसा ना करने वाली महिलाओं में 1.64 फीसदी। ऐसा इसलिए, क्योंकि क्रीम में मौजूद रसायन खोपड़ी के माध्यम से खून में शामिल हो कर गर्भाशय में पहुंचते हैं। जिस कारण कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
गर्भाशय कैंसर के लक्षण
1.वजन घटना
2.पेट और पैरों में दर्द
3.अनियमित पीरियड्स
4.बदबूदार डिस्टार्ज
5.यूरिन में परेशानू
6.यूरिन में ब्लड आना
7.कमजोरी
हर साल 5 लाख महिलाओं को होता है गर्भाशय कैंसर
आपको बता दें कि दुनिया भर में करीब 5 लाख महिलाएं हर साल गर्भाशय के कैंसर से पीड़ित होती है। 85 फ़ीसदी महिलाओं को विकासशील देशों में गर्भाशय कैंसर का जोखिम होता है। स्टडी यह भी कहती है कि यह कैंसर शरीर के दूसरे अंगों में आसानी से फैल सकता है, जो महिलाएं साल में 4 बार से अधिक केमिकल हेयर स्ट्रेटनर का उपयोग करती हैं उनमें गर्भाशय का कैंसर होने के लक्षण पाए जा सकते हैं। ऐसे में कोशिश करें कि नैचुरल तरीके से ही बालों की केयर करें और ऐसे कोई भी लक्षण दिखाए देते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से बात करें।

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों को केवल सुझाव के रूप में लें, हम इनकी पुष्टि नहीं करते हैं। इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।






