
सावन महीने की शुरुआत हो चुकी है। इसी के साथ हर जगह ‘हर-हर महादेव’ की गूँज उठ रही है। शिव भक्तों का मंदिरों में तांता लगा हुआ है। सावन महीने में भक्त भगवान शंकर को प्रसन्न करने के लिए शिवभक्त अनेक प्रकार के उपाय करते हैं। इस बार सावन महीना एक नहीं बल्कि दो महीने का होने वाला है। दरअसल, इस बार अधिक मास के कारण सावन दो महीने का है। अधिक मास को मलमास और पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। 18 जुलाई यानी मंगलवार से अधिक मास शुरू हो रहा है जो 16 अगस्त तक चलेगा। ऐसा 19 साल बाद हुआ है जब सावन महीने में अधिक मास आया हो। अधिक मास के दिनों में कुछ कार्य करने से जहां पुण्य की प्राप्ति होती है, वहीं कुछ कार्यों से परहेज बरतने को कहा गया है। आइए जानते हैं अधिक में क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
मलमास में करें इन चीजों का दान
केले का दान
पीले वस्त्र का दान
गरीबों को भोजन कराएं
नारियल का दान करें
दीपदान
अधिक मास में क्या करें और क्या न करें
अधिक मास में मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं, जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, जनेऊ संस्कार आदि। दरअसल, मलमास के महीने में सूर्य संक्रांति नहीं होती है। ऐसे में कोई भी मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। लेकिन इस माह में पूजा-पाठ जरूर करनी चाहिए। दिन की शुरुआत में सूर्य को अर्घ्य देकर भोलेनाथ और भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। साथ ही इस महीने में दान-पुण्य अवश्य करना चाहिए। किसी खास दिन पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए। धार्मिक ग्रन्थ का पाठ करना चाहिए।






