
हाल ही में हुए एक रिसर्च से पता चला है कि, जो व्यक्ति खर्राटे लेता हैं, उनमें कैंसर का खतरा अधिक होता है।रिसर्च में पाया गया है कि नींद के दौरान हवा या वायुमार्ग में रुकावट के कारण खर्राटे आते हैं। यह एक स्लीप डिसऑर्डर है, जिसे ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) कहा जाता है। अमेरिकन एसोसिएशन फॉर द एडवांसमेंट ऑफ साइंस (AAAS) के शोधकर्ताओं ने पाया है कि नींद की बीमारी वाले लोगों की नसों में रक्त के थक्कों का खतरा अधिक होता है, जो जीवन के लिए खतरनाक स्थिति हो सकती है। अगर आपको भी खर्राटे आते हैं, तो आप इस समस्या से कुछ घरेलू उपाय करके निजात पा सकते हैं।
पेपरमिंट तेल
पेपरमिंट ऑयल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो आपकी नाक और श्वसन तंत्र को साफ करने में मदद कर सकता है। यह खर्राटों और हल्के स्लीप एपनिया से जुड़े लक्षणों को कम करने में भी मदद करता है। इसके लिए पानी में कुछ बूंदे पेपरमिंट ऑयल की मिलाएं और सोने से पहले इस पानी से गरारे करें।
काली मिर्च
काली मिर्च बंद नाक को खोलने में मदद करती है, जो खर्राटों का एक प्रमुख कारण है। काली मिर्च, इलायची, जीरा और दालचीनी को बराबर मात्रा में लेकर बारीक पीस लें। इस चूरन को दिन में कई बार सूंघने से खर्राटे से राहत मिलती है।
ऑलिव ऑयल
सोने से पहले एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल की कुछ बूंदों को पीने से खर्राटों से राहत मिल सकती है। यह तेल वायु या श्वसन पथ को चिकना बनाता है और उसकी रुकावट को दूर करने में मदद करता है। इसके साथ ही यह गले की मांसपेशियों को सोते समय गले में बाधा डालने से भी रोकता है।
तकिये का करें इस्तेमाल
जब आप अपनी पीठ के बल सोते हैं, तो खर्राटे आने की संभावना अधिक होती है। इससे जीभ गले के पीछे की ओर चली जाती है और सांस लेना मुश्किल हो जाता है, जिसके कारण खर्राटों की आवाज आती है। ऐसे मामलों में, खर्राटों को रोकने के लिए एक तरफ सोने की सलाह दी जाती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों को केवल सुझाव के रूप में लें, हम इनकी पुष्टि नहीं करते हैं। इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।






