Detox Tips: आजकल एक आम- आदमी के जीवन में इतना अधिक तनाव हो गया है कि वो अपनी सेहत का ख्याल रखना तो दूर 2 मिनट खुद के बारे में सोच भी नहीं पाता है। साथ ही बढ़ता प्रदूषण हमारे स्वास्थ्य पर लगातार अटैक करता रहता है। इसलिए हमें शरीर को अंदर से साफ करना जरूरी है। इसकी जड़ में कई प्रकार के विषैले तत्व टॉक्सिंस मौजूद होते हैं, जिनसे छुटकारा पाना आवश्यक होता है। अगर हमने इससे छुटकारा नहीं पाया तो फिर ये टॉक्सिंस हमारी त्वचा को बेजान बना देते हैं, हमें सोने नहीं देते और हमें हर समय थकान महसूस होती है। इनसे कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

अगर आपने जल्दी ही इससे निबटारा पाने का नहीं सोचा तो आप धीरे- धीर सुस्त और बीमार रहने लगेंगे। आहार टॉक्सिंस की मात्रा शरीर में अधिक हो जाती तो, इससे आपकी जान को भी खतरा हो सकता है। पर आप फिक्र मत करिए क्योंकि इस समस्या से छुटकारा पाने का हमारे पास उपाय है। जी, हां डिटॉक्सिफिकेशन के जरिए इस जहर को काटने की प्रक्रिया से इन सभी टॉक्सिन्स को शरीर से बाहर निकाला जा सकता है। लेकिन, इसके लिए आपको पहले इसके बारे में पता होना चाहिए।
डिटॉक्सिफिकेशन क्या है?
डिटॉक्सिफिकेशन हमारे शरीर के उन तत्वों से हमें छुटकारा दिलाता है, जो हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। शरीर से हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने के लिए डिटॉक्सिफिकेशन या डिटॉक्स अलग-अलग उपचार प्रक्रियाएं हैं। इनमें ढेर सारा पानी और जूस पीना, सलाद और पाचक खाद्य पदार्थ खाना, उपवास, एनीमा या मल त्याग के साथ कोलन की सफाई करना शामिल है। डिटॉक्स शरीर और दिमाग को स्वस्थ और तरोताजा रखने की प्रक्रिया है। इससे मानसिक तनाव व अन्य विकार दूर भागते हैं और नई ऊर्जा का संचार होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार थकान, अपच, कब्ज, मोटापा, बार-बार सर्दी और बुखार, तनाव, बार-बार सिरदर्द, नींद न आना या अधिक नींद आना, जोड़ों में दर्द, निराशा, अवसाद और सेक्स के प्रति अनिच्छा आदि शरीर में विषाक्त पदार्थों को बढ़ाते हैं। ऐसे में डिटॉक्स जरूरी हो जाता है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि बॉडी डिटॉक्सिफिकेशन के कई तरीके हैं और किसी भी डिटॉक्स प्रोग्राम को शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
ऐसे करें डिटॉक्स:
हमारे शरीर को डिटॉक्स करने के लिए बहुत- से तरीके हैं। लेकिन, सबसे जरूरी और आम तरीके ये हैं।
1. सब्जियां, फल, नट और बीज
2. तरल पदार्थ पिएं
3. चीनी, संसाधित और तली हुई चीजें कम खाएं
4. शराब कम पिएं
5. सिगरेट से दूर रहें
6. नींद आपकी सेहत के बेहद जरूरी है
7. पसीना बहाओ, मसाज कराओ
कुछ जरूरी आयुर्वेद और यूनानी डिटॉक्स:
आयुर्वेद हमेशा से डिटॉक्स पर जोर देता रहा है। इसलिए आयुर्वेद और नेचुरोपैथी के कई सेंटर इन दिनों डिटॉक्स पैकेज पेश कर रहे हैं। आयुर्वेदिक डिटॉक्स में डिटॉक्स फुट स्पा और बाथ भी शामिल हैं। केरल की मशहूर पंचकर्म पद्धति भी डिटॉक्स का ही एक रूप है। आयुर्वेदिक डिटॉक्स में विशेष तेलों से मसाज, स्टीम बाथ, औषधीय तेल को सिर पर गिराकर तनाव कम करना, एनीमा से पेट साफ करवाना, नस्यम के अंतर्गत नाक में दवा डालना और औषधि वाले द्रव से गरारे करना शामिल है। यूनानी चिकित्सा पद्घति के मुताबिक, शरीर को नुकसान देने वाले टॉक्सिंस से बचाना और लिवर को दुरुस्त करना डिटॉक्सिफिकेशन है।






