Health Tips: सर्दियों के मौसम में रजाई से हर किसी की दोस्ती हो जाती है, फिर चाहे वो कितना भी दृढ़ निश्चयी क्यों न हो। यहां तक कि कई लोगों के बने बनाए प्लान भी ये सर्दी और रजाई से मिलने वाली गरमाहट बर्बाद कर देती है। ठंड में सुबह उठने का मन किसी का नहीं करता। सबका मन बस यही करता है कि थोड़ा और सो लिया जाए। सर्दियों में नींद भी काफी ज्यादा आती है, मगर क्या आप जानते हैं कि ठंड के मौसम में गर्मियों के मुकाबले इतनी ज्यादा नींद क्यों आती है? क्यों हम सोकर उठने के बाद भी थके-थके से रहते हैं?

अगर आपको ऐसा लग रहा है कि ज्यादा ठंड होने की वजह से नींद ज्यादा आती है तो आप गलत सोच रहे हैं। यह सच है कि हमारे सोने की आदत मौसम के मुताबिक बदल जाती है। बदलते मौसम के कारण तापमान में भी बदलाव होता है और नींद की अवधि भी ज्यादा हो जाती है। यहां यह समझना जरूरी है कि आखिर ऐसा किस वजह से होता है। कैसे ठंड आपके सोने के तरीके को प्रभावित करती है। दरअसल हमारी बॉडी नेचुरली मेलाटोनिन प्रोड्यूस करती है। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में होने वाला बदलाव ही मेलाटोनिन के लेवल को प्रभावित करता है।
क्या है मेलाटोनिन?
सर्दियों में अक्सर धूप गर्मी जितनी नहीं निकलती, इसलिए मेलाटोनिन का सप्रेशन भी गर्मी जितना नहीं होता। लिहाजा हमारा शरीर कई बार दिन और रात के समय में अंतर नहीं कर पाता, जिससे नींद की इच्छा अधिक होती है। मेलाटोनिन शरीर का एक हार्मोन है, जो शरीर में पीनियल ग्लैंड से निकलता है। ये हार्मोन ही सर्दियों में ज्यादा नींद आने का कारण बनता है। पीनियल ग्लैंड मस्तिष्क में होता है। जब मेलाटोनिन नामक ये हार्मोन रिलीज होता है, तब हमें नींद महसूस होने लगती है।
क्या है उपाय?
सर्दियों में ज्यादा नींद आने की कुछ वजहों में व्यायाम की कमी, खाने की बेकार आदत, खराब लाइफस्टाइल, धूप न लेना, कमजोर इम्यूनिटी और सर्दी-जुकान और फ्लू जैसी बीमारियां भी शामिल हैं। ये सभी कारक आपकी नींद को ठंड के मौसम में प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, इस स्थिति से बचने के लिए आप कुछ बातों का ध्यान कर सकते हैं, जिनमें से कुछ नीचे दिए गए हैं।
- दिन के वक्त सूरज की रोशनी लेने की कोशिश करें।
- 15-30 मिनट तक रोजाना व्यायाम करें।
- दिन में सोने से बचें और खुद को दिन-प्रतिदिन के कार्यों में बिज़ी रखें।
- कमरे के तापमान को ठीक बनाए रखें. बेडरूम न ज्यादा गर्म होना चाहिए और न ही ज्यादा ठंडा होना चाहिए।
- भोजन का ज्यादा सेवन न करें, खासकर सर्दियों में रात के डिनर में अधिक खाने से बचें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों को केवल सुझाव के रूप में लें। हम इनकी पुष्टि नहीं करते हैं। इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।






