Health Care Tips: आज हमारी जीवनशैली में बहुत से बदलाव हो गए हैं। लोगों ने पश्चिमी सभ्यता को अपनाकर भारतीय सभ्यता को कहीं कोने में दफना दिया हैं। लेकिन, ये हमारी भारतीय सभ्यताएं बहुत समय से चली आ रही हैं। ये सभ्यताएं हमारी दादी- नानी के समय से हमारे साथ कदम से कदम मिलाकर चली आ रही है। हम सोचते हैं कि इन सभ्यताओं को अपनाने से हमें क्या फायदा मिलेगा। लेकिन, हम आपको बता दें, ये सभ्यताएं और हमारी परंपराएं हमें और हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हैं। बदलते समय के बीच कई पुरानी परंपराएं पीछे छूट गई हैं। उन्हीं में से एक है जमीन पर बैठकर भोजन करने की प्रथा।

आजकल कोई जमीन पर बैठना नहीं चाहता हैं। पहले के जमाने में हमारी दादी-नानी जमीन पर बैठकर खाना खाती थीं। जमीन पर बैठने से शरीर को बहुत- से लाभ प्राप्त होते हैं। ये बहुत सी रिसर्च और स्टडीज के माध्यम से साबित हुआ है। आयुर्वेद भी जमीन पर बैठकर काम करने की वकालत करता है। आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से जमीन में बैठने के फायदे के बारे में बताएंगे और अगर आप इन फायदों के बारे में जानने के बाद इसे अपनी जीवनशैली में अपनाएंगे, तो आप इसके असर को खुद पहचान पाएंगे। तो, आइए हम आपको बताते हैं कि जमीन पर बैठने से क्या-क्या फायदे होते हैं?
1. पाचन क्रिया में सुधार होता है:
आपको बता दें, सुखासन, एक योग मुद्रा है, जिसमें व्यक्ति फर्श पर पालथी मारकर बैठता है, इससे आपके पाचन में सुधार करने में मदद मिलती है। जब हम खाने के लिए अपनी थाली जमीन पर रखते हैं, तो हमें खाने के लिए अपने शरीर को थोड़ा आगे की ओर ले जाना पड़ता है और फिर हम वापस अपनी मूल स्थिति में आ जाते हैं। शरीर को बार-बार हिलाने से पेट की मांसपेशियों में उत्तेजना होती है, जिससे पेट में पाचक एंजाइमों का स्राव बढ़ जाता है, जिससे भोजन बेहतर तरीके से पचने लगता है।

2. रीढ़ मजबूत होती है:
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर आप रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो आपको जमीन पर बैठना चाहिए। ऐसा करने से आप स्थिर होकर बैठते हैं और आपकी रीढ़ की हड्डी पर कोई दबाव नहीं पड़ता है। जमीन पर बैठने से आपकी रीढ़ की हड्डी के गठन में भी सुधार होता है।

3. जमीन पर बैठने से दिमाग को आराम मिलता है:
पद्मासन और सुखासन ध्यान के लिए आदर्श आसन हैं। ये आसन दिमाग से तनाव दूर करने में मदद करते हैं। माना जाता है कि इन आसनों में बैठने से शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ सकता है। पद्मासन और सुखासन करने से आपको शरीर के बहुत- से रोगों से छुटकारा मिलता है। अगर आप रोज पद्मासन और सुखासन करेंगे, तो आपको असर अपने आप दिखने लग जाएगा।

4. फर्श पर बैठने से लचीलापन बढ़ता है:
अगर आप जमीन पर बैठते हैं, तो आपके शरीर के निचले आधे हिस्से की मांसपेशियां खिंचती हैं। जिससे आपके शरीर का लचीलापन बढ़ता है और आपके पैरों को ताकत मिलती है। बैठने से हिप, पैरों और रीढ़ की हड्डी में खिंचाव होता है, जिससे शरीर में प्राकृतिक लचीलेपन को बढ़ावा मिलता है। हमारी दादी- नानी पहले जमीन पर ही बैठती थी, इसलिए वो लोग बुढ़ापे में ही इतना काम करती थी। साथ ही लंबी आयु तक जीवित रहीं।

5. हिप की मांसपेशियां मजबूत होती हैं:
कमजोर हिप आपकी स्थिरता और संतुलन को प्रभावित करते हैं। अगर आपका हिप कमजोर है तो जमीन पर ज्यादा बैठें। अगर आप ऐसा नहीं करेंगे, तो इससे आप आज तो चल लेंगे, लेकिन आपको बुढ़ापे में बहुत- सी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। जमीन पर बैठने से आपकी हिप की मांसपेशियां मजबूत होंगी और आपका कोर भी मजबूत होगा।







