एक स्टडी में कहा गया है कि ऐसे लोग जो राहत में सोते समय अपनी आंखों को कवर करते हैं उनकी मेमरी बूस्ट होती है और वे अधिक अलर्ट महसूस करते हैं।

Healthy Sleeping Habit To Boost Memory : अच्छी नींद सोने से शरीर के साथ-साथ दिमाग को भी आराम मिलता है। 7-8 घंटे की नींद से जहां ब्रेन को अच्छी तरह काम करने में मदद होती है वहीं, सोने के तरीके और सोने से पहले दोहरायी जाने वाली कुछ आदतों से मेमरी बढ़ सकती है और लोगों को अपने काम पर अच्छी तरह से फोकस करने में मदद हो सकती है। एक स्टडी के अनुसार, सोते समय आंखों को कवर करने या आई मास्क पहनने से कॉग्निटिव फंक्शन (improve cognitive function) बेहतर हो सकता है।
ब्रेन के लिए क्यों अच्छा है आंखों को कवर करके सोना

स्टडी में कहा गया है कि ऐसे लोग जो राहत में सोते समय अपनी आंखों को कवर करते हैं उनकी मेमरी बूस्ट होती है और वे अधिक अलर्ट महसूस करते हैं। लोगों में सोने से जुड़ी आदतों या स्लीपिंग पैटर्नस की जांच करते हुए यह देखा गया कि पर्याप्त नींद से लोगों के ब्रेन और शरीर को हेल्दी बनाना आसान हो सकता है। जैसे कम नींद वाले लोगों के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट होती रहती है और ऐसे लोग दिन में अधिक सुस्त रहते हैं और अलर्ट नहीं रह पाते। ठीक तरह ना सो पाने का एक कारण सोने के कमरे का माहौल और वहां आनेवाली रोशनी भी हो सकती है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार अगर किसी कमरे में बहुत रोशनी हो या वह पूरी तरह डार्क ना हो तो वहां लोगों को ठीक तरके से नींद नहीं आती। इसी तरह आंखों पर लगातार रोशनी पड़ने से नींद टूट जाती है, बुरे सपने आ सकते हैं और अगले दिन सिर में भारीपन और अलर्टनेस की कमी महसूस हो सकती है। वहीं, आंखों पर कपड़ा बांधने या आई मास्क पहनने से रोशनी आंखों पर सीधे नहीं पड़ती और व्यक्ति आराम से सो पाता है।
आई मास्क पहनने के अन्य फायदे

• सोते समय आंखों के आसपास की स्किन में सूजन बढ़ जाती है और अगले दिन सोकर उठने पर पफी आईज की समस्या होती है। आई मास्क पहनने से स्किन को आराम मिलता है और ये समस्याएं नहीं होती।
• आई मास्क पहनकर आंखों के आसपास की झुर्रियां कम होती हैं।
• डार्क सर्कल्स की समस्या आई मास्क पहनकर सोने से कम होती है।
• आंखों पर आई मास्क लगाकर सुलाने से बच्चों में एंजाइटी कम होती हैं, ब्रेन शांत होता है और अच्छी नींद आती है।
• आई मास्क पहनने से बच्चों को डर भी कम लगता है।
• आई मास्क पहनने से अल्ज़ाइमर्स् , हार्ट डिजिज और डायबिटीज जैसी क्रोनिक बीमारियों का रिस्क कम होता है।
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